बीते तीन साल में नहीं हुई किसी निर्दोष की मौत, उग्रवाद को जड़ से खत्म करने का प्रयास

बीते तीन साल में नहीं हुई किसी निर्दोष की मौत, उग्रवाद को जड़ से खत्म करने का प्रयास

जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा कहा कि काफी हद तक कई हिस्सों से आतंक के इको-सिस्टम का खत्मा कर दिया गया और साथ ही उग्रवाद को पुरे इलाके से जड़ से समाप्त करने का प्रयास जारी है। उन्होंने ये भी कहा कि आतंकवाद सिर्फ सोसाइटी के लिए ही नहीं बल्कि सभ्यता के लिए भी खतरा है और विकास की राह में बाधा बनने वालो के खिलाफ खड़े होना हम सबकी जिम्मेदारी है। 

उपराज्यपाल ने कहा, 'पुलिस और सुरक्षा बलों की टीम जम्मू कश्मीर के कई इलाकों से आतंकवाद को खत्म करने में सफल हुई है। लेकिन इसे जड़ से ही समाप्त किए जाने की जरूरत है। समाज में कुछ ऐसे तत्व हैं जो दिखाई नहीं दे रहे और वो अंदर से कमजोर करने की कोशिश में लगे हुए हैं। पुलिस को इन पर नजर बनाए रखनी होगी।'

मनोज सिन्हा ने कहा कि पुलिस की नीति निर्दोष को परशान करना नहीं बल्कि दोषियों को सजा दिलाना है। उन्होंने बताया कि बीते तीन साल में एक भी निर्दोष नागरिक की पुलिस फायरिंग में मौत नहीं हुई है। 

एलजी ने कहा, 'जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अपने कौशल, समर्पण, गतिशीलता और देश की संप्रभुता की रक्षा करने के संकल्प के साथ सुरक्षा तंत्र का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है।' उन्होंने कहा, 'हमें और अधिक कमिटमेंट के साथ काम करने की जरूरत है, ताकि नए उभरते खतरों को रोका जा सके। बुरी मंशा से काम कर रहे विरोधियों की ओर से कई ऐसी गतिविधियां चलाई जा रही हैं, जिन पर काबू पाने के लिए सुरक्षा बलों का दोगुना प्रयास करना होगा।'

सिन्हा ने कहा कि अगर समय रहते 'नार्को- टेररिज्म' पर काबू नहीं पाया तो यह एक बड़ा सिक्योरिटी और सोशल चैलेंज बनकर सामने आएगा। उन्होंने कहा कि विकास कार्य, कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी, ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई और आतंकवाद विरोधी अभियानों में अच्छा काम हुआ है। 

हेमलता बिष्ट